इज़ाजत
दिल तोड़ जाने की इजाजत तुझे आज भी है,
हमें देख के ना मुस्कुराने की इजाजत तुझे आज भी है,
हमेशा ही मोहब्बत में कुछ अधुरा सा रह जाता है,
क्योंकि राहों में अकेला छोड़ जाने की इजाजत तुझे आज भी है।
छुप-छुप के देेखने की इजाजत तुझे आज भी है,
तुझे देखते ही दिल को सहम़ जाने की इजाजत आज भी है,
बस तेरी आँखो से ख्वाब नही देख पाता आजकल,
क्योंकि हमसे नजरें चुराने की इजाजत तुझे आज भी है।
हमसे ना मिलने की इजाजत तुझे आज भी है,
हमें ना चाहने की इजाजत तुझे आज भी है,
बस जाने क्यों रूठ गया है मेरा खुदा मुझसे,
पर गैरों से दिल लगाने की इजाजत तुझे आज भी है।
हमसे दूर चले जाने की इजाजत तुझे आज भी है,
हमारे अस्कों में बह जाने की इजाजत तुझे आज भी है,
बस आखिरी दफ़ा मुड़ के तो देख ले हमें,
क्योंकि दिल तोड़ जाने की इजाजत तुझे आज भी है।
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